कमला गोयनका फाउंडेशन
350 ए-1 बिल्डिंग, शाह एंड नाहर इंडस्ट्रियल एस्टेट,
धनराज मिल्स कंपाउंड, जाधव मार्ग, लोअर परेल,
मुंबई-400013

दूरभाष: 022-24939235     ई-मेल : mumbai@gogoindia.com      वेबसाइट : www.kgfmumbai.com


उद्देश्य एवं नियमावली


उद्देश्य

कमला गोइन्का फाउण्डेशन के अध्यक्ष व प्रबन्ध न्यासी श्री श्यामसुन्दर गोइन्का ने तमिल या मलयालम–हिन्दी साहित्य के परस्पर अनुवाद ह्यतमिल या मलयालम साहित्य का हिन्दी में अनुवाद या हिन्दी साहित्य का तमिल या मलयालम में अनुवादहृ के लिए श्रेष्ठ साहित्यिक कृति ह्यगद्य, पद्य एवं आलोचनाहृ के लिए वर्ष 2013 से अपने अग्रज श्री बालकृष्णजी गोइन्का की स्मृति में ‘‘बालकृष्ण गोइन्का अनूदित साहित्य पुरस्कार’’ का श्रीगणेश कर रहे है। यह पुरस्कार अनुवादकों को उनके द्वारा गत दस वषों में अनुवादित व प्रकाशित साहित्यिक कृति तथा हिन्दी – तमिल या मलयालम साहित्य में उनके समग्र योगदान के लिए द्विवार्षिक कालावधि में प्रदान किया जायेगा।

तमिल व मलयालम साहित्य का हिन्दी में तथा हिन्दी साहित्य का तमिल व मलयालम में अनुवाद के लिए अब तक उद्घोषित इस पुरस्कार में सर्वाधिक राशि रूपये 31000 इकत्तीस हजार रूपयेहृ नगद के साथ पुरस्कृत साहित्यकार को एक विशेष समारोह में शाल., श्रीफल, स्मृतिचिन्ह व पुष्पगुच्छ प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।
 
बालकृष्ण गोइन्का अनूदित साहित्य पुरस्कार के नियम
1. यह पुरस्कार तमिल या मलयाली लेखकों की गत दस वर्षो में तमिल या मलयालम से हिन्दी मे अनूदित या हिन्दी से मलयालम या तमिल में अनुवादित व प्रकाशित पुस्तकों ह्यगद्य, पद्य एवां आलोचनाहृ तक ही सीमित रहेगा। इसके पूर्व या बाद में प्रकाशित पुस्तकें प्रविष्टि रूप में मान्य नहीं होगी।
2. यह पुरस्कार केवल तमिल या मलयालम से हिन्दी में या हिन्दी से में मलयालम या तमिल में ही अनुवादित कृतियों पर दिया जायेगा। अन्य किसी भाषा या मूल कृति पर नहीं।
3. तमिल या मलयालम या हिन्दी की मूल कृति का अनुवाद होना चाहिए। अनुवादित कृति का अनुवाद नही होना चाहिए।
4. अवधिपूर्व प्रकाशित पुस्तक का पुनर्संस्करण भी पुरस्कार के लिए विचार योग्य नहीं होगा।
5. यह पुरस्कार प्रतियोगिता अखिल भारतीय स्तरीय है।देश के किसी भी हिस्से का साहित्यकार उक्त भाषाओं में अनुवादित कृति प्रविष्टि भेज सकते हैं।
6. प्रस्तावित पुस्तक की मूल कृति व अनुवादित कृति­दोनों की ही चार­चार प्रतियां रचनाकार अपने तमिल­मलयालम व हिन्दी साहित्य में समग्र योगदान के विवरण के साथ भेंजें।
7. इस पुरस्कार प्रतियोगिता के लिए प्रेषित पुस्तकों ह्यमुलकृति तथा अनुवादित कृति दोनों हीहृ के साथ ही साहित्यकार को प्रस्ताव पत्र तथा अपना पासपोर्ट आकार के दो फोटो भेजने होंगे। चित्र के अभाव में प्रविष्टियां अपूर्ण होने से अमान्य हो जायेगी।
8. केवल प्रकाशित पुस्तकें ही प्रेषित करें, पांडुलिपियां नहीं।
9. प्रस्तावित पुस्तक के साथ ही रचनाकार के हिन्दी तथा तमिल–मलयालम सहित्य में समग्र योगदान को भी आधार माना जाएगा।
10. साहित्येतर पुस्तकें एवं किसी विश्वविद्यालय अथवा शिक्षा संस्थान की किसी उपाधि ह्यएम।फिल।, पी।एच।डी.।, डी। लिट् आदिहृ के लिए प्रस्तुत किए गए शोध प्रबंधों को पुरस्कार के लिए स्वीकार नहीं किया जायेगा।
11. अनुवादित पुस्तक ह्यगद्य, पद्य एवं आलोचनाहृ की पृष्ठ संख्या 80 या इससे ज्यादा हो।
12. जो प्रतियोगी पूर्व में इस प्रतियोगिता में भाग ले चुके हैं तथा उस समय अपनी पुस्तकें पुरस्कार के लिए भेज चुके हैं, अगर वे चाहें तो उसी पुस्तक के मूल्यांकन को इस बार की पुरस्कार प्रतियोगिता में शामिल किया जा सकता है। अतः उन्हें पुनः पुस्तकें भेजने की आवश्यकता नहीं है। यदि वे उस पुस्तक को पुनः या अन्य किसी पुस्तक को मूल्यांकित करवाना चाहें तो उन पुस्तकों की चार प्रतियां भेजनी होगी। अन्यथा ऐसे प्रतियोगियों को प्रस्ताव पत्रÊ नवीनतम समग्र­योगदान का विवरण व नवीनतम दो फोटो ही भेजनी होगी।
13. जिन्हें कमला गोइन्का फाऊण्डेशन एक बार पुरस्कृत ्र सम्मानित कर चुकी है, वे दुबारा प्रतियोगिता में भाग न ले सकेंगे।
14. प्रस्ताव रचनाकार खुद रख सकता है या अन्य कोई व्यक्ति., संस्था,. मुद्रक, समालोचक या प्रकाशक भी का प्रस्ताव भेज सकता है।
15. पुरस्कार मरणोपरान्त नहीं दिया जायेगा। मगर यदि किसी रचनाकार का प्रस्ताव प्रस्तुत करने के बाद स्वर्गवास हो जाता है तो उस पर विचार किया जा सकता है।
16. मूल्यांकन. समीक्षा व अंतिम निर्णय का संपूर्ण अधिकार कमला गोइन्का न्यास व ‘‘बालकृष्ण गोइन्का अनूदित साहित्य पुरस्कार’’ समिति को होगा। इस विषय में कोई पूछताछ या पत्र­व्यवहार न करें।
17. पुरस्कार के लिए भेजी गई पुस्तकों की प्रतियां लौटायी नहीं जायेंगी।
18. प्रतियोगिता के प्रारूप और नियमों में समय­समय पर आवश्यकतानुसार परिवर्तन करने का अधिकार कमला गोइन्का न्यास एवं पुरस्कार समिति को होगा।
19. पुरस्कार प्रतियोगिता के लिए प्रविष्टियां भेजने की एक निश्चित तिथि न्यास द्वारा समाचार पत्रों में घोषित की जायेगी। घोषित तिथि के पश्चात प्राप्त होनेवाली या अन्य दृष्टि से अपूर्ण प्रविष्टि को प्रतियोगिता में सम्मिलित नहीं किया जायेगा।
20. पुरस्कार के निर्णय की घोषणा समाचार पत्रों में यथा­समय की जायेगी तथा पुरस्कार पाने वाले साहित्यकार को अलग से सूचित किया जायेगा। इस विषय में पत्रााचार या पूछताछ न करें।
21. किसी प्रविष्टि के डाक द्वारा पहुंचने में होने वाले बिलम्ब के लिए न्यास उत्तरदायी नहीं होगा। पुरस्कार समिति यदि चाहेगी तो इस पर विचार कर सकती है।
22. पुरस्कार प्रतियोगिता के आवेदकों को प्रस्ताव­पत्र के साथ प्रमाणित करना होगा कि प्रतियोगिता के नियम उन्हें मान्य हैं तथा इन नियमों के अन्तर्गत न्यास द्वारा की गयी घोषणा को स्वीकार करते हैं।
23. पुरस्कार के लिए चयनित व्यक्ति पुरस्कार समारोह में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हो पुरस्कार ग्रहण करें। सम्मान सामग्री प्रतिनिधि को नहीं दी जायेगी तथा न ही डाक् कूरियर द्वारा भेजी जायेगी।