कमला गोयनका फाउंडेशन
350 ए-1 बिल्डिंग, शाह एंड नाहर इंडस्ट्रियल एस्टेट,
धनराज मिल्स कंपाउंड, जाधव मार्ग, लोअर परेल,
मुंबई-400013

दूरभाष: 022-24939235     ई-मेल : mumbai@gogoindia.com      वेबसाइट : www.kgfmumbai.com


उद्देश्य एवं नियमावली


उद्देश्य

कमला गोइन्का फाउण्डेशन के अध्यक्ष व प्रबन्ध न्यासी श्री श्यामसुन्दर के अग्रज श्री बाबूलाल गोइन्का की स्मृति में हिन्दीतर भाषी साहित्यकारों के हिन्दी लेखन ह्यगद्य, पद्य एवं आलोचना के लिए वर्ष 2005 से “बाबूलाल गोइन्का हिन्दी साहित्य पुरस्कार” देते आ रहे है। यह पुरस्कार हिन्दीतर भाषीह्यदक्षिण भारतीय भाषाओंहृ लेखकों को उनके द्वारा गत दस वषों में लिखित व प्रकाशित हिन्दी साहित्यिक कृति व उनके समग्र योगदान के लिए द्विवार्षिक कालावधि में प्रदान किया जायेगा।

हिन्दीतर भाषी लेखकों के हिन्दी साहित्य के लिए अब तक उद्घोषित पुरस्कार में सर्वाधिक राशि रूपये 31,000­ इकत्तीस हजार रूपये नगद के साथ पुरस्कृत साहित्यकार को एक विशेष समारोह में शाल, श्रीफल, स्मृति­चिन्ह व पुष्पगुच्छ प्रदान कर सम्मानित किया जायेगा।
 
बाबूलाल गोइन्का हिन्दी साहित्य पुरस्कार के नियम
1. यह पुरस्कार हिन्दीतर भाषी लेखकों की गत दस वर्षो में हिन्दी में लिखित व प्रकाशित पुस्तकों ह्यगद्य, पद्य एवं आलोचनाहृ तक ही सीमित रहेगा। इसके पूर्व या बाद में प्रकाशित पुस्तकें प्रविष्टि रूप में मान्य नहीं होगी।
2. हिन्दीतर भाषी यानी वे रचनाकार जिनकी मातृभाषा दक्षिण भारत की इन भाषाओं में से कोई एक है, – कन्नड़, मलयालम, तेलगु, तुलु, तामिल, उड़िया और कोंकणी तथा जो मूलरूप से हिन्दी में लिख रहें हैं, इस प्रतियोगिता में भाग ले सकते है।हिन्दी भाषी साहित्यकार जो उपरोक्त भाषी क्षेत्रों में 10 वर्षों से रह रहे हैं, वे भी हिन्दीतर भाषी माने जायेंगे तथा इस प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं। हिन्दी में अनुवादित पुस्तकें इस प्रतियोगिता में मान्य नहीं है। हिन्दी के वे लेखक जिनकी मातृभाषा उक्त वर्णित भाषाओं में से एक है, देश के किसी भी हिस्से में या विदेश में रह रहें हों, इस प्रतियोगिता में भाग लेने के अधिकारी हैं।
3. हिन्दीतर भाषी लेखकों को प्रविष्टियों के साथ एक शपथ पत्र भी भेजना होगा. जिसमें उन्हें सशपथ घोषणा करनी होगी कि पुरस्कार की नियमावली की परिभाषा के अनुसार वे हिन्दीतर भाषी हैं तथा उपरोक्त नियम संख्या दो में उल्लेखित भाषाओं में से ही एक भाषा उनकी मातृभाषा है।इस आशय का एक प्रमाण पत्र भी देना होगा।
4. अवधिपूर्व प्रकाशित पुस्तक का पुनर्संस्करण विचार योग्य नहीं माना जायेगा।
5. यह पुरस्कार प्रतियोगिता अखिल भारतीय स्तर की है।
6. इस प्रतियोगिता में एक से ज्यादा पुस्तकें भेजी जा सकती हैं। प्राप्त सभी पुस्तकों का औसत मूल्यांकन नहीं किया जायेगा। प्रत्येक पुस्तक अपने आप में अलग प्रविष्टि मानकर मूल्यांकित की जायेगी।
7. इस पुरस्कार प्रतियोगिता के लिए प्रेषित पुस्तकों की चार­चार प्रतियों के साथ प्रतियोगी लेखक को प्रस्ताव पत्र, घोषणा पत्र, प्रमाण पत्र तथा अपना पासपोर्ट आकार के दो फोटो भेजने होंगे। अपूर्ण प्रविष्टियां अमान्य है।
8. केवल प्रकाशित पुस्तकों पर ही विचार होगा, पांडुलिपि पर नहीं।
9. प्रस्तावित पुस्तक के अलावा पुरस्कार के लिए रचनाकार का हिन्दी सहित्य में समग्र योगदान को भी आधार माना जायेगा।
10. साहित्येतर पुस्तकें एवं किसी विश्वविद्यालय अथवा शिक्षा संस्थान की किसी उपाधि एम.फिल, पी.एच. डी.,डी.लिट. के लिए प्रस्तुत किए गए शोध प्रबंधों को पुरस्कार के लिए स्वीकार नहीं किया जायेगा।
11. प्रविष्ठि स्वरूप प्रेषित हिन्दी साहित्यह्यगद्यÊ पद्य एवं आलोचनाहृ पुस्तक की पृष्ठ संख्या 80 या इससे ज्यादा हो।
12. जो प्रतियोगी पूर्व में इस प्रतियोगिता में भाग ले चुके हैं तथा उस समय अपनी पुस्तकें पुरस्कार के लिए भेज चुके हैं, अगर वे चाहें तो उसी पुस्तक के मूल्यांकन को इस बार की पुरस्कार प्रतियोगिता में शामिल किया जा सकता है। अतः उन्हें पुनः पुस्तकें भेजने की आवश्यकता नहीं है। यदि वे उस पुस्तक को पुनः या अन्य किसी पुस्तक को मूल्यांकित करवाना चाहें तो उन पुस्तकों की चार प्रतियां भेजनी होगी। अन्यथा ऐसे प्रतियोगियों को प्रस्ताव पत्रÊ नवीनतम समग्र­योगदान का विवरण व नवीनतम दो फोटो ही भेजनी होगी।
13. जिन्हें कमला गोइन्का फाऊण्डेशन एक बार पुरस्कृत्र सम्मानित कर चुकी है, वे दुबारा प्रतियोगिता में भाग न ले सकेंगे।
14. प्रस्ताव रचनाकार खुद रख सकता है या अन्य कोई व्यक्ति, संस्था, मुद्रक, आलोचक या प्रकाशक भी रचनाकार का प्रस्ताव भेज सकता है।
15. पुरस्कार मरणोपरान्त नहीं दिया जायेगा। मगर यदि किसी रचनाकार का प्रस्ताव प्रस्तुत करने के बाद स्वर्गवास हो जाता है तो उस पर विचार किया जा सकता है।
16. मूल्यांकन. समीक्षा व अंतिम निर्णय का संपूर्ण अधिकार कमला गोइन्का न्यास व पुरस्कार समिति को होगा। इस विषय में कोई पूछताछ या पत्र व्यवहार स्वीकार्य नहीं होगा।
17. पुरस्कार के लिए भेजी गई पुस्तकों की प्रतियां लौटायी नहीं जायेंगी।
18. प्रतियोगिता के प्रारूप और नियमों में समय समय पर आवश्यकतानुसार परिवर्तन करने का अधिकार कमला गोइन्का न्यास एवं पुरस्कार समिति को होगा।
19. पुरस्कार प्रतियोगिता के लिए प्रविष्टियां भेजने की एक निश्चित तिथि न्यास द्वारा समाचार पत्रों में घोषित की जायेगी।
20. पुरस्कार के निर्णय की घोषणा समाचार पत्रों में यथा­समय की जायेगी तथा ‘बाबूलाल गोइन्का हिन्दी साहित्य पुरस्कार’ पानेवाले व्यक्ति को अलग से सूचित किया जायेगा। इस विषय में पत्राचार या पूछताछ न करें।
21. किसी प्रविष्टि के डाक द्वारा पहँुचने में होनेवाले विलम्ब के लिए न्यास उत्तरदायी नहीं होगा। पुरस्कार समिति यदि चाहेगी तो उस पर विचार कर सकती है।
22. पुरस्कार प्रतियोगिता के आवेदकों को प्रस्ताव पत्र के साथ प्रमाणित करना होगा कि प्रतियोगिता के नियम उन्हें मान्य हैं तथा इन नियमों के अन्तर्गत न्यास द्वारा की गई घोषणा को स्वीकार करने के लिए अपने आपको प्रतिबध्द करते हैं।
23. पुरस्कार प्राप्त व्यक्ति का पुरस्कार वितरण समारोह में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहना अनिवार्य है। प्रतिनिधि को पुरस्कार नहीं दिया जायेगा, न हीं डाक द्वारा भेजा जायेगा।