कमला गोयनका फाउंडेशन
350 ए-1 बिल्डिंग, शाह एंड नाहर इंडस्ट्रियल एस्टेट,
धनराज मिल्स कंपाउंड, जाधव मार्ग, लोअर परेल,
मुंबई-400013

दूरभाष: 022-24939235     ई-मेल : mumbai@gogoindia.com      वेबसाइट : www.kgfmumbai.com


उद्देश्य एवं नियमावली


उद्देश्य

कमला गोइन्का फाउण्डेशन के प्रबंध न्यासी श्री श्यामसुन्दर गोइन्का ने कन्नडभाषी नवोदित हिन्दी लेखकों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘डॉ हिरण्मय युवा साहित्यकार पुरस्कार’ का श्रीगणेश किया है। यह पुरस्कार नये लेखकों को उनकी मूल हिन्दी रचना की पांडुलिपि या कन्नड़ से हिन्दी में अनुवादित रचना की पांडुलिपि के प्रकाशनार्थ द्विवार्षिक कालावधि में प्रदान किया जायेगा।

नवोदित कन्नड़भाषी हिन्दी लेखकों के लिए इस उद्घोषित पुरस्कार में सर्वाधिक राशि रू 15000 रूपये पंद्रह हजार मात्र का पुरस्कार पुस्तक प्रकाशन में सहयोग व नकद पुरस्कार के रूप में प्रदान किया जायेगा।
 
डॉ .हिरण्मय युवा साहित्यकार पुरस्कार के नियम
1. यह पुरस्कार प्रतियोगिता कन्नड़भाषी हिन्दी के नवोदित लेखकों के लिए ही होगी। हिन्दी भाषी लेखक जो कन्नड़भाषी क्षेत्रों में 10 वर्षों से रह रहे हैं, वे भी हिन्दीतर भाषी माने जायेंगे तथा इस प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं।
2. यह पुरस्कार हिन्दी भाषा में लिखित मौलिक हिन्दी कृति या कन्नड़ से हिन्दी में अनुवादित कृति की अप्रकाशित पांडुलिपि पर दिया जायेगा। प्रकाशित पुस्तकें प्रविष्टि रूप में मान्य नहीं होंगी। रचना किसी भी विधा गद्य, पद्य एवं अन्य विधाहृ पर हो सकती है। विषय विवादरहित एवं संविधान की धारणा के अनुरूप ही होना चाहिए।
3. रचनाकार को पांडुलिपि की चार प्रतियां, ह्यअनुवादित रचना की स्थिति में कन्नड की चार मौलिक पुस्तकें व अनुवादित पांडुलिपि की चार प्रतियांहृ अपना परिचय, साहित्यिक गतिविधियां प्रस्ताव पत्र में भरकर अपनी दो फोटो के साथ भेजनी होगी।
4. प्रविष्टि के साथ प्रेषित पांडुलिपि, उनकी मौलिक हिन्दी या कन्नड़ से हिन्दी में अनुवादित रचना हों। पांडुलिपि की सामग्री पुस्तकाकार रूप में डिमाइ साईज की पुस्तक लगभग 80 पृष्ठों की हो।
5. नवोदित लेखक उसे माना जायेगा जिसकी आयु 35 वर्ष तक की हो तथा कोई भी पुस्तक अब तक प्रकाशित न हुई हो या अधिकतम एक पुस्तक प्रकाशित हुई हो।प्रविष्टिकार को इस परिभाषा के अन्तर्गत अपनी योग्यता के लिए आयु का प्रमाण पत्र व स्वयं का घोषणा पत्र भेजना होगा।
6. साहित्येतर पांडुलिपियां एवं किसी विश्वविद्यालय अथवा शिक्षा संस्थान की किसी उपाधि एम .फिल .,पीएच ड़ी .,डी . लिट के लिए प्रस्तुत किए गए शोध प्रबंधों को पुरस्कार के लिए स्वीकार नहीं किया जायेगा।
7. चयनित रचनाकार को पुरस्कार घोषणा की जानकारी दी जायेगी तथा समारोह तिथि सूचित की जायेगी। चयनित रचनाकार की पांडुलिपि का पुनरीक्षण कराया जायेगा। तत्पश्र्चात चयनित रचनाकार द्वारा पुनरीक्षित पांडुलिपि से एक माह के अन्दर ही पुस्तक की कम से कम 500 प्रतियां मुद्रित करवानी होगी तथा पुरस्कार समारोह में विमोचन के लिए लानी होगी। पुस्तक की न्यूनतम 25 प्रकाशित प्रतियां कमला गोइन्का फाउण्डेशन के कार्यालय में अग्रिम भेजनी होगी।
8. मुद्रण व प्रकाशन की जिम्मेदारी चयनित रचनाकार की होगी। मुद्रण का बिल कमला गोइन्का फाउण्डेशन के नाम से लेना होगा तथा प्रन्यास सीधे मुद्रक को रू 10,000¬ तक का भुगतान करेगा। दस हजार से अधिक व्यय लेखक को स्वयं वहन करना होगा। पुरस्कार की राशि रू 15,000¬ दो भागों में विभाजित होगी रू 10,000¬ पुस्तक के प्रकाशन के लिए तथा रू 5,000¬ नगद पुरस्कार के लिए।
9. प्रकाशित पुस्तक में कमला गोइन्का फाउण्डेशन को अपना विवरण व अन्य सूचनाएं प्रकाशित करने का अधिकार रहेगा।
10. पुरस्कार मरणोपरान्त नहीं दिया जायेगा।
11. जिन्हें पहले डॉ . हिरण्मय युवा साहित्यकार पुरस्कार मिल चुका हो, वे दुबारा इसके हकदार नहीं होंगे।
12. मूल्यांकन, समीक्षा व अंतिम निर्णय का सम्पूर्ण अधिकार कमला गोइन्का फाउण्डेशन को होगा। इस विषय में कोई पूछताछ या पत्र व्यवहार न करें।
13. पुरस्कार के लिए भेजी गई पांडुलिपियों की प्रतियां लौटाई नहीं जा सकेगी ।
14. प्रतियोगिता के प्रारूप और नियमों में समय–समय पर आवश्यकतानुसार परिवर्तन करने का अधिकार कमला गोइन्का फाउण्डेशन एवं पुरस्कार समिति को रहेगा।
15. चयनित पांडुलिपि में, जरूरी समझा गया तो, लेखक से विचार विमर्श के बाद फेरबदल किया जा सकता है।
16. पुरस्कार प्रतियोगिता के लिए प्रविष्टियां भेजने की एक निश्चित तिथि प्रन्यास द्वारा समाचार पत्रों में घोषित की जायेगी।घोषित तिथि के पश्चात प्राप्त होने वाली या अन्य दृष्टि से अपूर्ण प्रविष्टि पर विचार नहीं किया जायेगा व उसे प्रतियोगिता में सम्मिलित नहीं किया जायेगा।
17. पुरस्कार के निर्णय की घोषणा समाचार¬पत्रों में यथासमय की जायेगी तथा डॉ . हिरण्मय युवा साहित्यकार पुरस्कार’ के लिए चयनित लेखक को अलग से सूचित किया जायेगा। इस विषय में पत्राचार या पूछताछ अपेक्षित नहीं है।
18. किसी प्रविष्टि के डाक द्वारा पहुँचने में होने वाले विलम्ब के लिए प्रन्यास उत्तरदायी नहीं होगा। पुरस्कार समिति यदि चाहेगी तो उस पर विचार कर सकती है।
19. पुरस्कार प्रतियोगिता के आवेदकों को प्रस्ताव¬पत्र के साथ प्रमाणित करना होगा कि सभी नियम उन्हें मान्य हैं तथा इन नियमों के अन्तर्गत न्यास द्वारा की गई घोषणा को स्वीकार करने के लिए वे अपने आपको प्रतिबध्द करते हैं।
20. पुरस्कार के लिए चयनित लेखक पुरस्कार वितरण समारोह में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहें । प्रतिनिधि को पुरस्कार नहीं दिया जायेगा, न ही डाक द्वारा भेजा जायेगा।