कमला गोयनका फाउंडेशन
350 ए-1 बिल्डिंग, शाह एंड नाहर इंडस्ट्रियल एस्टेट,
धनराज मिल्स कंपाउंड, जाधव मार्ग, लोअर परेल,
मुंबई-400013

दूरभाष: 022-24939235     ई-मेल : mumbai@gogoindia.com      वेबसाइट : www.kgfmumbai.com


उद्देश्य एवं नियमावली


उद्देश्य

कमला गोइन्का फाउण्डेशन हिन्दी–कन्नड़ साहित्य में परस्पर अनुवाद ह्यहिन्दी साहित्य का कन्नड़ में अनुवाद तथा कन्नड़ साहित्य का हिन्दी में अनुवादहृ की गयी सर्वश्रेष्ठ साहित्यिक कृति ह्यगद्य व पद्य दोनों में किसी भी विधा मेंहृ के लिए वर्ष 2006 से “पिताश्री गोपीराम गोइन्का हिन्दी कन्नड़ अनुवाद पुरस्कार” देते आ रहे है। यह पुरस्कार अनुवादकों को उनके द्वारा गत दस वर्षों में अनुवादित व प्रकाशित साहित्यिक कृति के लिए द्विवार्षिक कालावधि में प्रदान किया जाता है।

हिन्दी साहित्य के कन्नड़ में तथा कन्नड़ साहित्य के हिन्दी में अनुवाद की सर्वश्रेष्ठ प्रकाशित पुस्तक के लिए अनुवादक को इस पुरस्कार के तहत 31000 इक्कीस हजार रुपये की नगद राशि प्रदान की जाएगी। नगद के साथ–साथ पुरस्कृत साहित्यकार को एक विशेष समारोह में शॉल, श्रीफल, स्मृतिचिन्ह व पुष्पगुच्छ प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।  
पिताश्री गोपीराम गोइन्का हिन्दी कन्नड़ अनुवाद पुरस्कार के नियम
1. यह पुरस्कार हिन्दी तथा कन्नड़ लेखकों की गत दस वर्षों ह्यसन् 2005 से सन् 2015 तकहृ में हिन्दी से कन्नड़ तथा कन्नड़ से हिन्दी में अनुवादित व प्रकाशित पुस्तकों ह्यगद्य व पद्य दोनों में से किसी भी विधा मेंहृ तक ही सीमित रहेगा। इसके पूर्व या बाद में प्रकाशित पुस्तकें प्रविष्टि रूप में मान्य नहीं होगी।
2. यह पुरस्कार केवल अनुवादित कृतियों ह्यहिन्दी से कन्नड़ या कन्नड़ से हिन्दीहृ पर ही दिया जायेगा। अन्य भाषाओं के अनुवाद इस पुरस्कार के अंतर्गत नहीं आते।
3. हिन्दी या कन्नड़ की मूल कृति का अनुवाद होना चाहिए। अनुवादित कृति का अनुवाद अमान्य होगा।
4. अवधि–पूर्व प्रकाशित पुस्तक का पुर्नसंस्करण विचार योग्य नहीं माना जाएगा।
5. यह पुरस्कार प्रतियोगिता अखिल भारतीय स्तरीय है। देश के किसी भी हिस्से का साहित्यकार उक्त भाषाओं में परस्पर अनुवादित अपनी कृति भेज सकता है।
6. इस पुरस्कार प्रतियोगिता के लिए पुस्तकों ह्यमूलकृति तथा अनुवादित कृति दोनों हीहृ के साथ प्रतियोगी लेखक को प्रस्ताव–पत्र तथा पासपोर्ट आकार की अपनी दो फोटो भेजनी होगी। प्रस्ताव–पत्र या चित्र के अभाव में प्रविष्टियां स्वीकार नहीं की जाएगी।
7. केवल प्रकाशित पुस्तकों पर ही विचार होगाÊ पांडुलिपि पर नहीं।
8. अनुवाद किसी भी विधा में हो सकता हैÊ यथा कविताÊ कथा–कहानीÊ उपन्यासÊ नाटकÊ हास्य–व्यंग्यÊ जीवनीÊ आत्मकथा ललित निबंध आलोचना समीक्षा आदि।
9. पुरस्कार के लिए प्रस्तावित पुस्तक के अलावा रचनाकार का हिन्दी तथा कन्नड़ साहित्य की पारस्परिक समृद्धि के प्रति समग्र योगदान को भी आधार माना जाएगा।
10. प्रविष्टि के साथ प्रस्तावित पुस्तकें – अनुवादित व मूल कृति – दोनों की चार–चार प्रतियां भेजनी जरूरी है। मूल प्रति की चार प्रतियां अप्राप्य हों तो एक या दो प्रति पर भी अपवाद–स्वरूप विचार किया जा सकता है।
11. साहित्येतर पुस्तकें एवं किसी विश्वविद्यालय अथवा शिक्षा संस्थान की उपाधि एम फिल, पीएचडी, डी.लिट् के लिए प्रस्तुत किये गये शोध प्रबंधों को पुरस्कार के लिए स्वीकार नहीं किया जाएगा।
12. 80 पृष्ठ से कम पृष्ठों की अनुवादित पुस्तकें मान्य नहीं होगी।
13. जो प्रतियोगी पूर्व में इस प्रतियोगिता में भाग ले चुके हैं तथा उस समय अपनी पुस्तकें पुरस्कार के लिए भेज चुके हैं अगर वे चाहें तो उसी पुस्तक के मूल्यांकन को इस बार की पुरस्कार प्रतियोगिता में शामिल किया जा सकता है। अतः उन्हें पुनः पुस्तकें भेजने की आवश्यकता नहीं है। यदि वे उस पुस्तक को पुनः या अन्य किसी पुस्तक को मूल्यांकित करवाना चाहें तो उन पुस्तकों की चार प्रतियां भेजनी होगी। अन्यथा ऐसे प्रतियोगियों को प्रस्ताव पत्रÊ नवीनतम समग्र¬योगदान का विवरण व नवीनतम दो फोटो ही भेजनी होगी।
14. प्रस्तावित पुस्तक मूल कृति व अनुवादित कृति दोनों की ही चार प्रतियां भेजनी आवश्यक है और संग में रचनाकार का हिन्दी–कन्नड़ साहित्य की पारस्परिक समृद्धि के लिए योगदान संबंधी विवरण भी।
15. जिन्हें पहले “कमला गोइन्का फाउण्डेशन” द्वारा पुरस्कार या सम्मान मिल चुका है, वे इस पुरस्कार या सम्मान के हकदार नहीं होंगे।
16. प्रस्ताव रचनाकार खुद रख सकता है य अन्य कोई व्यक्ति, संस्था, मुद्रक, आलोचक या प्रकाशक भी रचनाकार का प्रस्ताव भेज सकता है।
17. पुरस्कार मरणोपरान्त नहीं दिया जायेगा। यदि किसी रचनाकार का प्रस्ताव प्रस्तुत करने के बाद स्वर्गवास हो जाता है तो उस पर विचार किया जा सकता है।
18. मूल्यांकन समीक्षा व अंतिम निर्णय का संपूर्ण अधिकार कमला गोइन्का न्यास को होगा। इस विषय में कोई पूछताछ या पत्र व्यवहार स्वीकार्य नहीं होगा।
19. पुरस्कार के लिए भेजी गयी पुस्तकों की प्रतियां लौटायी नहीं जाएंगी।
20. प्रतियोगिता के प्रारूप और नियमों में समय–समय पर आवश्यकतानुसार परिवर्तन करने का अधिकार कमला गोइन्का न्यास को होगा।
21. पुरस्कार प्रतियोगिता के लिए प्रविष्टियां भेजने की एक निश्चित तिथि न्यास द्वारा समाचार पत्रों में घोषित की जायेगी। घोषित अंतिम तिथि के पश्चात प्राप्त होने वाली या अन्य दृष्टि से अपूर्ण प्रविष्टि को प्रतियोगिता में सम्मिलित नहीं किया जायेगा।
22. पुरस्कार के निर्णय की घोषणा समाचार पत्रों में यथासमय की जायेगी तथा पुरस्कार पाने वाले व्यक्ति को अलग से सूचित किया जायेगा। इस विषय में पत्राचार या पूछताछ अवांछनीय है।
23. किसी प्रविष्टि के डाक द्वारा पहुंचने में होने वाले विलंब के लिए प्रन्यास उत्तरदायी नहीं होगा। प्रन्यास चाहेगा तो उस पर विचार कर सकता है।
24. पुरस्कार प्रतियोगिता के आवेदकों को प्रस्ताव पत्र के साथ लिखित स्वीकृति देनी होगी कि प्रतियोगिता क नियम उन्हें मान्य हैं तथा न्यास द्वारा की गयी घोषणा को स्वीकार करने के लिए वे अपने आपको प्रतिबद्ध करते हैं।
25. पुरस्कार के लिए चयनित व्यक्ति पुरस्कार समारोह में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हो पुरस्कार ग्रहण करें। सम्मान सामग्री प्रतिनिधि को नहीं दी जायेगी तथा न ही डाक् कुरियर द्वारा भेजी जायेगी।