कमला गोयनका फाउंडेशन
350 ए-1 बिल्डिंग, शाह एंड नाहर इंडस्ट्रियल एस्टेट,
धनराज मिल्स कंपाउंड, जाधव मार्ग, लोअर परेल,
मुंबई-400013

दूरभाष: 022-24939235     ई-मेल : mumbai@gogoindia.com      वेबसाइट : www.kgfmumbai.com


उद्देश्य एवं नियमावली


उद्देश्य

कमला गोइन्का फाउण्डेशन के अध्यक्ष व प्रबन्ध न्यासी श्री श्यामसुन्दर गोइन्का ने महिला साहित्यकारों को राजस्थानी में लिखने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए वरिष्ठ राजस्थानी साहित्यकार पद्मश्री डॉ. रानी लक्ष्मीकुमारी चूण्डावत की स्मृति को समर्पित ‘रानी लक्ष्मीकुमारी चूण्डावत महिला साहित्यकार पुरस्कार’ की वर्ष 2015 से श्रीगणेश करने की घोषणा की है।

यह पुरस्कार गत 10 वषों में महिला साहित्यकारों द्वारा राजस्थानी में लिखित व प्रकाशित पुस्तक व राजस्थानी भाषा­साहित्य में उनके समग्र योगदान के लिए द्विवार्षिक कालावधि में प्रदान किया जायेगा।

महिला साहित्यकार को राजस्थानी भाषा एवं साहित्य के उत्थान के लिए नगद रूपये 31000 इकत्तीस हजार रूपये का यह पुरस्कार एक विशेष समारोह में शॉल, श्रीफल, स्मृति­चिन्ह व पुष्पगुच्छ के साथ प्रदान कर सम्मानित किया जायेगा।
 
रानी लक्ष्मीकुमारी चूण्डावत महिला साहित्यकार पुरस्कार के नियम
1. यह पुरस्कार सिर्फ महिला साहित्यकार को राजस्थानी भाषा में गत दस वर्षो में लिखित व प्रकाशित पुस्तकों तक ही सीमित रहेगा। इसके पूर्व या बाद में प्रकाशित पुस्तकें प्रविष्टि रूप में मान्य नहीं होंगी।
2. रचना राजस्थानी भाषा में किसी भी विधा — गद्य एवं पद्य पर हो सकती है। विषय विवाद रहित एवं संविधान की धारणा के अनुरूप होना चाहिए।
3. अवधिपूर्व प्रकाशित पुस्तक का पुनर्संस्करण भी विचार योग्य नहीं माना जायेगा।
4. यह पुरस्कार प्रतियोगिता अखिल भारतीय स्तर की है।
5. इस पुरस्कार प्रतियोगिता के लिए प्रेषित पुस्तकों की चार­चार प्रतियों के साथ प्रतियोगी लेखिका को प्रस्ताव पत्र, परिचय तथा अपना पासपोर्ट आकार के दो फोटो भेजने होंगे। अपूर्ण प्रविष्टियां अमान्य होंगी।
6. केवल प्रकाशित पुस्तकों पर ही विचार होगा, पांडुलिपि पर नहीं।
7. प्रस्तावित पुस्तक के अलावा पुरस्कार के लिए रचनाकार का राजस्थानी साहित्य में समग्र योगदान को भी आधार माना जायेगा।
8. साहित्येतर पुस्तकें एवं किसी विश्वविद्यालय अथवा शिक्षा संस्थान की किसी उपाधि ह्यएम।फिल।, पी।एच। डी।, डी।लिट।हृ के लिए प्रस्तुत किए गए शोध प्रबंधों को पुरस्कार के लिए स्वीकार नहीं किया जायेगा।
9. प्रविष्टि के साथ प्रेषित पुस्तक, उनकी मौलिक रचना हो, अनुवाद नहीं। 80 पृष्ठ से कम पृष्ठों की पुस्तकें मान्य नहीं होंगी।
10. जो प्रतियोगी पूर्व में इस प्रतियोगिता में भाग ले चुकी हैं तथा उस समय अपनी पुस्तकें पुरस्कार के लिए भेज चुकी हैं, अगर वे चाहें तो उसी पुस्तक के मूल्यांकन को इस बार की पुरस्कार प्रतियोगिता में शामिल किया जा सकता है। अतः उन्हें पुनः पुस्तकें भेजने की आवश्यकता नहीं है। यदि वे उस पुस्तक को पुनः या अन्य किसी पुस्तक को मूल्यांकित करवाना चाहें तो उन पुस्तकों की चार प्रतियां भेजनी होंगी। अन्यथा ऐसी प्रतियोगियों को प्रस्ताव पत्रÊ नवीनतम समग्र­योगदान का विवरण व नवीनतम दो फोटो ही भेजनी होगी।
11. जिन्हें कमला गोइन्का फाउण्डेशन एक बार पुरस्कृत ्र सम्मानित कर चुकी है, वे दुबारा प्रतियोगिता में भाग न ले सकेंगी।
12. प्रस्ताव रचनाकार खुद रख सकती हैं या अन्य कोई व्यक्ति, संस्था, मुद्रक, आलोचक या प्रकाशक भी रचनाकार का प्रस्ताव भेज सकता है।
13. पुरस्कार मरणोपरान्त नहीं दिया जायेगा। मगर यदि किसी रचनाकार का प्रस्ताव प्रस्तुत करने के बाद स्वर्गवास हो जाता है,तो उस पर विचार किया जा सकता है ।
14. मूल्यांकन. समीक्षा व अंतिम निर्णय का संपूर्ण अधिकार कमला गोइन्का न्यास व पुरस्कार समिति को होगा। इस विषय में कोई पूछताछ या पत्र व्यवहार कृपया न करें।
15. पुरस्कार के लिए भेजी गई पुस्तकों की प्रतियां लौटायी नहीं जायेंगी।
16. प्रतियोगिता के प्रारूप और नियमों में समय–समय पर आवश्यकतानुसार परिवर्तन करने का अधिकार कमला गोइन्का न्यास एवं पुरस्कार समिति को होगा।
17. पुरस्कार प्रतियोगिता के लिए प्रविष्टियां भेजने की एक निश्चित तिथि न्यास द्वारा समाचार पत्रों में घोषित की जायेगी।
18. पुरस्कार के निर्णय की घोषणा समाचार पत्रों में यथासमय की जायेगी तथा ‘रानी लक्ष्मीकुमारी चूण्डावत महिला साहित्यकार पुरस्कार’ पानेवाली लेखिका को अलग से सूचित किया जायेगा। इस विषय में कृपया पत्राचार या पूछताछ न करें।
19. किसी प्रविष्टि के डाक द्वारा पहँुचने में होनेवाले विलम्ब के लिए न्यास उत्तरदायी नहीं होगा। पुरस्कार समिति यदि चाहेगी तो उस पर विचार कर सकती है।
20. पुरस्कार प्रतियोगिता के आवेदकों को प्रस्ताव पत्र के साथ प्रमाणित करना होगा कि प्रतियोगिता के नियम उन्हें मान्य हैं तथा इन नियमों के अन्तर्गत न्यास द्वारा की गई घोषणा को स्वीकार करने के लिए अपने आपको प्रतिबद्ध करती हैं।
21. पुरस्कार प्राप्त लेखिका का पुरस्कार वितरण समारोह में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहना अनिवार्य है। प्रतिनिधि को पुरस्कार नहीं दिया जायेगा, न ही डाक द्वारा भेजा जायेगा।